Initiatives

श्री कल्याण सिंह द्वारा राज्यपाल पद पर कार्यग्रहण उपरान्त राज्य में उच्च शिक्षा के उन्नयन, विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण में सुधार हेतु कई कदम उठाए हैं तथा अनेकानेक नवाचार किये हैं जिनमें से कुछ प्रमुख सुधार/नवाचार निम्नांकित हैंः-

 

1.    दीक्षान्त समारोह

     विश्वविद्यालयों में वर्षों से नहीं हो रहे दीक्षांत समारोह को पुनः प्रारम्भ कराया जाकर 31.12.2015 तक 13 विश्वविद्यालयों में 13 दीक्षान्त समारोह आयोजित किये गये। इसी प्रकार वर्ष 2016 में 13 विश्वविद्यालयों में 13 दीक्षान्त समारोह आयोजित किये गये हैं। वर्ष, 2017 में 12 विश्वविद्यालयों में 12 दीक्षान्त समारोह आयोजित किये गये तथा दिसम्बर 2018 तक 7 विश्वविद्यालयों में 7 दीक्षान्त समारोह आयोजित किए गए है। कार्यग्रहण से अब तक समस्त दीक्षान्त समारोहों में कुल 50,58,893 उपाधियों तथा 5309 पदकों का वितरण किया गया है।     

      समस्त विश्वविद्यालयों को प्रतिवर्ष एक निश्चित दिनांक को दीक्षान्त समारोह आयोजित किये जाने के निर्देश भी प्रदान किये गये हैं।

 

2.    विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां 

       विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों के कारण शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदय की पहल पर राज्य सरकार द्वारा गत तीन वर्षों में विभिन्न विश्वविद्यालयों में 1511 शैक्षणिक एवं 1393 गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्तियां किए जाने की स्वीकृतियां दी गई हैं।

 

3.    बायोमेट्रिक उपस्थिति

       अध्यापकों तथा कर्मचारियों की प्रतिदिन कार्यालय आने व जाने की उपस्थिति बायोमैट्रिक प्रणाली से किए जाने की व्यवस्था समस्त विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों में सफलतापूर्वक लागू कर दी गई है।

4.    विश्वविद्यालयों को देय ब्लाॅक ग्रांट फार्मूले का पुनरीक्षण:

      राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों के वेतन-भत्तों के पेटे एक निर्धारित फाॅर्मूले पर प्रतिवर्ष प्रदान की जाने वाली ब्लाॅक ग्रांट का पुनरीक्षण किया जाकर फाॅर्मूले का पुनर्निर्धारण किया गया है जिससे विश्वविद्यालयों को पहले से अधिक आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकेगी।

5.    समान एकेडमिक व अवकाश कलेण्डर

      राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में सत्र 2018-19 लागू किया जा चुका हैं। 

6.     प-आठ कार्यक्रम

              प्रवेश से लेकर पदवी प्रदान किये जाने तक विश्वविद्यालयों में प्रत्येक स्तर पर अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के सरलीकरण, पारदर्शिता व विश्वसनीयता को बढ़ाने हेतु उच्च आदर्शों को शामिल करते हुए एक प-आठ कार्यक्रम को लागू किया गया है जिसकी अनुपालना विश्वविद्यालयों द्वारा की जा रही हैं।

7.    कुलपति समन्वय समिति

           माननीय कुलाधिपति एवं राज्यपाल महोदय की अध्यक्षता में अन्तर विश्वविद्यालयी प्रकरणों तथा राज्य सरकार में विश्वविद्यालयों से संबंधित लम्बित विभिन्न मुद्दों/बिन्दुओं पर विचार विमर्श एवं समाधान हेतु कुलपति समन्वय समिति गठित है, जिसमें समस्त कुलपतिगण व राज्य सरकार  के उच्च शिक्षा मंत्री तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख शासन सचिव/ आयुक्त स्तर के महत्वपूर्ण संबंधित अधिकारी सदस्य हैं। माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदय की अध्यक्षता में कुलपति समन्वय समिति की दिनांक 5 मई 2015, 29 जनवरी 2016 व 21 जुलाई 2016 को बैठकें सम्पन्न हुई जिनमें विश्वविद्यालयों एवं राज्य सरकार से संबंधित अनेकानेक महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर गहन विचार-विमर्श उपरान्त महत्त्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं।

8.    राजकीय विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति

             विश्वविद्यालयों में कुलपति एक महत्वपूर्ण पद है। विश्वविद्यालयों में कुलपति के पदों पर रिक्तयों को गंभीरता से लेते हुए श्री कल्याण सिंह, माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदय द्वारा अब तक 25 विश्वविद्यालयों में नियमित कुलपतिगण की नियुक्तियां की गई। 1 विश्वविद्यालय में चयन समिति का गठन किया जाकर नियुक्ति की प्रक्रिया प्रगति पर है जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाकर नियमित कुलपति की नियुक्ति की जाएगी। 2 विश्वविद्यालयों में चयन समिति का गठन का कार्य प्रक्रियाधीन है।     

              राजकीय विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति हेतु चयन प्रक्रिया में अधिक गुणवत्ता एवं पारदर्शिता लाने की दृष्टि से चयन समितियों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया बाबत् राजभवन द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं जिसमें पद हेतु विज्ञापन की अनिवार्यता, चयन का आधार, योग्यताओं का तुलनात्मक विवरण तथा आवेदक द्वारा एक स्टेण्डर्ड फोर्मेट में अपना जीवन वृत प्रस्तुत करना शामिल है।

9.    कुलसचिव एवं वित्त नियंत्रक के रिक्त पदों पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापन

             राजकीय विश्वविद्यालयों में कुलसचिव एवं वित्त नियंत्रक के पद अति महत्वपूर्ण हैं। इन प्राधिकारियों के रिक्त पदों पर राज्य सरकार से समन्वय स्थापित किया जाकर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापन हेतु समय-समय पर प्रयास किये गये जिसके फलस्वरूप रिक्त पदों की स्थिति में सुधार हुआ है।

10.    राजकीय विश्वविद्यालयों में समितियां

        राजकीय विश्वविद्यालयों में विभिन्न महत्वपूर्ण समितियां/बोड्र्स हैं, जो विश्वविद्यालय हेतु नीति निर्धारण व अन्य प्रशासनिक व अकादमिक निर्णय लेते हैं। इन विभिन्न समितियों में माह सितम्बर, 2014 से अब तक कुल 164 सदस्यों का यथा समय मनोनयन किया गया। समितियों/बोड्र्स में नामित सदस्यों के दायित्वों संबंधी कोई स्पष्ट निर्देश नहीं थे। इसका माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदय द्वारा प्रसंज्ञान लिया जाकर नवम्बर, 2016 में नामित सदस्यों हेतु नीति निर्देशिका स्वीकृत की गई है।

 

11.    ई-गवर्नेंस:-

       विश्वविद्यालयों से संबंधित समस्त सेवाओं को यथा संभव ऑन-लाईन किये जाने, विश्वविद्यालय से संबंधित समस्त सूचनाएं वेबसाईट पर प्रदर्शित करने तथा छात्रों की उपस्थिति, अध्यापकों द्वारा लिये जाने वाले कालांशों व टाॅपिक्स की जानकारी मासिक आधार पर वेबसाईट पर प्रदर्शित किये जाने हेतु समस्त विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया गया है।

 

12.    कैशलेस भुगतान

               भारत सरकार के कैशलेस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य में कैशलेस भुगतान प्रक्रिया को प्रेरित करने के उद्देश्य से माननीय राज्यपाल श्री कल्याण सिंह ने राज्य के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में शत-प्रतिशत नकद विहीन भुगतान प्रक्रिया को लागू किया गया है।      

                 कैशलेस अर्थव्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में राजकीय विश्वविद्यालयों को साइबर सिक्योरिटी, साइबर एप्लीकेशन एवं साइबर लाॅ से संबंधित सरल एवं बोधगम्य पाठ्यक्रम तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया है, जिससे राजकीय विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में केपेसिटी बिल्डर का दायित्व निभा सकें।

 

13.    पोस्ट हार्वेस्टिंग गतिविधियां

        माननीय राज्याल महोदय ने कृषि विश्वविद्यालयों  को पोस्ट हार्वेस्टिंग गतिविधियों जिसमें उपज का भण्डारण, प्रसंस्करण, प्रबंधन, परिवहन और विपणन आदि को पाठ्यक्रमों का हिस्सा बनाने,  Agri Business  में MBA डिग्री प्रारम्भ करने तथा भारत सरकार की ई-नेम (National Agriculture Marketing) परियोजना का अधिकतम लाभ किसानों को दिलाने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने बाबत निर्देशित किया गया है।

 

14.    दीक्षान्त समारोहों में भारतीय ड्रेस कोडः

                  आदेश क्रमांक 2770-73, दिनांक 13.04.2016 द्वारा राजकीय विश्वविद्यालयों में दीक्षान्त समारोहों में पहने जाने वाले गाउन के स्थान पर भारतीय वेश-भूषा में ड्रेस कोड का निर्धारण किया गया है।

 

15.  अशैक्षणिक कर्मियों हेतु वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रपत्र निर्धारण

    कुलसचिवगण की समिति द्वारा विश्वविद्यालयों में अशैक्षणिक पदों पर कार्यरत कार्मिकों की वार्षिक कार्य मूल्यांकन हेतु निर्धारित अनुशंषित प्रपत्र के अनुसार विश्वविद्यालयों को भविष्य में प्रतिवर्ष उक्त प्रपत्र में मूल्यांकन किया जाने हेतु निर्देशित किया गया हैं।

 

16.  समस्त राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में रोजगार की उपलब्धता की दृष्टि से एक प्लेसमेंट पाॅलिसी का प्रारूप बनाया गया है जिसे राज्य सरकार की सलाह से समस्त राज्य वित्त पोषित विश्वविद्यालयों में लागू किया जा रहा है।

17.  केन्द्रीयकृत मूल्यांकन व्यवस्थाः उत्तर पुस्तिकाओं के त्वरित व समुचित मूल्यांकन हेतु समस्त विश्वविद्यालयों में केन्द्रीयकृत मूल्यांकन व्यवस्था लागू की गई।

18.  पीएच.डी. पाठ्यक्रम हेतु सीटों के निर्धारण, प्रवेश में पारदर्शिता लाने व शोध की गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु यू.जी.सी. द्वारा निर्धारित मानदंडों को लागू करने हेतु गाईड लाईन जारी की गई।

19.    अन्य नवाचार 

 

        1.विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक व प्रशासनिक वातारवरण में सुधार हेतु एवं शिक्षा को समयानुकूल बनाने की दृष्टि से समय-समय पर माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदय द्वारा विभिन्न नवाचार/निर्देश जारी किए गएः

        2. विश्वविद्यालयों में विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती हेतु योग्यताओं, भर्ती नियमों तथा सेवा नियमों की समीक्षा की जाकर यू.जी.सी. रेग्यूलेशन्स के अनुरूप बनाने बाबत समस्त विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया गया है।

        3. समस्त राजकीय विश्वविद्यालयों में राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम 2012 (RTPP Act 2012) व नियम 2013 तथा राजस्थान लोक सेवाओं में नियुक्तियों का विनियमन और स्टाफ का सुव्यवस्थीकरण अधिनियम, 1999 (RAPSAR Act 1999)  की पालना सुनिश्चित करना।

        4. विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारियों जिनकी ग्रेड पे 4200 या उससे अधिक है, द्वारा अपनी अचल सम्पत्तियों का विवरण राज्य सरकार के नियमानुरूप वार्षिक आधार पर सार्वजनिक किया जाना।

        विश्वविद्यालयों के कार्मिकों हेतु आचार संहिता लागू किये जाने की प्रक्रिया प्रारम्भ करनामाननीय कुलाधिपति महोदय द्वारा राज्य में उच्च शिक्षा के उन्नयन एवं विश्वविद्यालयों में बेहतर प्रशासन व प्रबंधन हेतु निम्नानुसार विषयों पर विभिन्न उप समितियों का गठन किया गया है जो अपनी सिफारिशें कुलाधिपति महोदय को प्रस्तुत करेंगीः-

        1.    विश्वविद्यालयों में अशैक्षणिक पदों हेतु एक समान सेवा नियमों के निर्धारण बाबत 

        2.    पाठ्यक्रम पुनर्निधारण को अधिक प्रभावी व उपादेय बनाने बाबत

       3.    विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने बाबत 

        5.    विद्यार्थियों हेतु अन्तर्विश्वविद्यालयी पारदर्शी स्थानान्तरण नीति बाबत

        6.    राजकीय विश्वविद्यालयो के लिए एक समान वित्तीय एवं लेखा नियमों बाबत

        7.    विश्वविद्यालयों में निरन्तर नए विभाग व विषय प्रारम्भ करने, शोधपीठें स्थापित करने हेतु प्रेरित किया जाकर राज्य सरकार से स्वीकृतियां प्रदान कराई जा रही है।

 

भविष्य की कार्ययोजना

             स्नातक स्तर के पाठ्यक्रम को रोजगारोन्मुख बनाने की दृष्टि से नियमित विषयों के साथ कम्प्यूटर शिक्षा को अनिवार्य तथा अंग्रेजी, व्यक्तित्त्व विकास तथा दक्षता विकास को अन्य वैकल्पिक विषयों के रूप में लागू करना, शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने व उन्हें विषयों व अध्यापन की नवीनतम शैलियों से अ़द्यतन रखने हेतु वार्षिक ट्रेनिंग कलेण्डर का निर्धारण, करें।